देवघर के जिला समाहरणालय परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने भेष बदलकर भू-अर्जन कार्यालय में छापेमारी कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार गौरीपुर निवासी ब्रह्मदेव यादव की शिकायत पर ACB की 5 से 6 सदस्यीय टीम ने गुप्त तरीके से ट्रैप बिछाया। शिकायत थी कि जमीन से जुड़े काम के बदले कर्मचारियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। ACB के DSP और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी साधारण वेश में गमछा डालकर और हाथ में थैला लेकर आम व्यक्ति की तरह दफ्तर पहुंचे, ताकि किसी को शक न हो। जब कर्मचारियों ने काम के एवज में पैसे की मांग की, तभी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुये कर्मचारी निरंजन कुमार और नुनुदेव को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों को ACB टीम अपने साथ लेकर आगे की पूछताछ के लिए रवाना हो गई। छापेमारी की खबर मिलते ही समाहरणालय परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई। ACB के DSP ने बताया कि शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई की गई है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच के बाद जो भी दोषी पाए जायेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।