आरुणि आश्रम संस्थान ने मनाया अपना 14वां स्थापना दिवस, शिक्षा और संस्कारों का दिखा अनूठा संगम
08/03/2026(धनबाद) — धनबाद के गोविंदपुर स्थित कुरची गांव में शिक्षा और रिसर्च के प्रमुख केंद्र ‘आरुणि आश्रम’ का स्थापना दिवस बेहद हर्षोल्लास और पारंपरिक तरीके से मनाया गया। साल 2012 के 8 मार्च में जाने-माने शिक्षक प्रेम चंद सर द्वारा स्थापित इस शैक्षणिक आश्रम ने इस मौके पर एक बार फिर यह संदेश दिया कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ मानसिक शांति और जीवन जीने की कला छात्रों के लिए कितनी जरूरी है।
इस खास दिन पर आश्रम के छात्र, पूर्व छात्र, अभिभावक और शिक्षामित्र लोग एक साथ इकट्ठा हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप जलाकर और सामूहिक प्रार्थना के साथ की गई। आश्रम की मूल विचारधारा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष योग और ध्यान सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों के साथ-साथ मेहमानों ने भी हिस्सा लिया। वहीं आश्रम के बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए कुछ बेहद सुंदर और सादे सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। “हमारा मकसद सिर्फ परीक्षा पास कराना नहीं” – प्रेम चंद सर (गणित शोध विद्वान) अपने संबोधन में प्रेम सर ने आश्रम के अब तक के सफर को याद किया। उन्होंने वहां मौजूद विद्यार्थियों से कहा, “हमारा विजन हमेशा से बच्चों को एक ऐसा शांत माहौल देने का रहा है, जहां वे बाहरी दुनिया के शोर-शराबे से दूर अपनी पढ़ाई और अपने व्यक्तित्व पर ध्यान दे सकें। हमारा मकसद बच्चों को सिर्फ बोर्ड परीक्षा पास कराना या प्रतिवर्ष की भांति टापर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें एक मजबूत, शांत और जिम्मेदार इंसान बनाना है। जिसका प्रमाण हमारे एलुमिनी की विभिन्न प्रतियोगिता परिक्षाओं में आ रहे शानदार नतीजे हैं। हमारा प्रयास राज्य एवं देश की अद्धतन विषयों और न्यू इजुकेशन पालिसी व विकसित भारत संकल्प यात्रा 2047 को ध्यान में रखकर शिक्षा देना है। और इसके लिए हम अपने स्तर से प्रतियोगिताओं व जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी करते आ रहे हैं” आरुणि आश्रम का ट्रैक रिकॉर्ड पढ़ाई के मामले में हमेशा से शानदार रहा है। बीएससी, एम एस सी, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं से लेकर जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा और एनटीएसई (NTSE), राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड व साइंस एक्जीविशनों में यहां के बच्चों ने लगातार परचम लहराया है। कार्यक्रम के दौरान कई पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे प्रेम सर और सह-शिक्षिका ममता मैम के पढ़ाने के अनोखे और आसान तरीकों ने उनके लिए मुश्किल विषयों को भी सरल बना दिया। छात्रों ने सफलता का श्रेय आश्रम के अनुशासित लेकिन तनावमुक्त माहौल को दिया। स्थापना दिवस समारोह का समापन एक भव्य सामूहिक क्युजीन के साथ हुआ। इसमें सभी ने जमीन पर एक साथ बैठकर शुद्ध और पौष्टिक शाकाहारी क्षेत्रीय व्यंजन का आनंद लिया। यह सामूहिक भोजन आश्रम के उस विचार को दर्शाता है जहां सभी को एक समान माना जाता है और सादा जीवन उच्च विचार की भावना को बढ़ावा दिया जाता है। आरुणि आश्रम आज भी धनबाद क्षेत्र में सिर्फ एक कोचिंग या ट्यूशन सेंटर के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों के संपूर्ण वैज्ञानिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के एक सुरक्षित आशा के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। अधिक जानकारी हेतू इनके वैबसाइट में देखें https://share.google/X63LzWpMFsCV2n285