मनरेगा कर्मचारी विगत 18-19बर्षो से मनरेगा सहित ग्रामीण विकास विभाग के सारे कार्यों करते आ रहे हैं।जब हेमंत सोरेन जी विपक्ष में थे और विधानसभा चुनाव से पूर्व एक संविदा संवाद कार्यक्रम में मनरेगा कर्मचारीयों को अनुबंध जैसे कलंक से मुक्ति देते हुए स्थाईकरण और पक्की नौकरी देने का वादा किया था। विगत सरकार के कार्यकाल में तो कुछ नहीं किए मगर अंतिम समय में हड़ताल के 79दिनों उपरांत ग्रामीण विकास मंत्री और विभागीय अधिकारियों व संघ के बी 30%मानदेय बढ़ोतरी, हड़ताल अवधि का मानदेय देने, समाजिक सुरक्षा स्वास्थ्य बीमा र्दुघटना बीमा आदि पर हड़ताल खत्म किया गया। माननीय ग्रामीण विकास मंत्री डा इरफान अंसारी के प्रयास से केवल हड़ताल अवधि का मानदेय मिला और चुनाव की घोषणा हो गई। चुनाव घोषित होने पर केबिनेट के द्वारा समझोता में पारित मांगे अटक गया।
पुनः हम सभी ने मिलकर हेमंत सोरेन जी और गठबंधन सरकार बनवाने में हम सभी ने भरपूर सहयोग किया। इस बार हेमंत सोरेन सरकार में आदरणीय दिपिका पाण्डेय सिंह जी को ग्रामीण विकास मंत्री पद दिया गया।हम लोग बराबर विभाग संबंधित पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपनी बात रखा लिखित मांग पत्र सौंपा गया।
मगर कोई सुनवाई नहीं। अंत में मनरेगा कर्मचारी संघ के द्वारा 9मार्च से 12 मार्च2026 तक सांकेतिक हड़ताल किया गया और विभागीय अधिकारियों और माननीय मुख्यमंत्री महोदय माननीय मंत्री महोदया से वार्ता कर समाधान का आग्रह किया गया किंतु कोई तवज्जो नहीं दिया गया जिस के कारण संघ के द्वारा मांग पुरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा किया गया। हमारी मांग निम्न हैं। 1मनरेगा क्षेत्रीय कर्मियो को राज्य मनरेगा कोषांग के कर्मियों के समान ग्रेड पे आधारित मानदेय व्यवस्था में शामिल किया जाय। 2 उड़ीसा माॅडल के आधार पर 5वर्ष अथवा या उससे अधिक की सेवा र्पूण कर चुके मनरेगा कर्मचारीयों के लिए वन टाइम एब्जॉप्शर्न ( One Time Absorption) नीति लागू कर स्थायी समायोजन किया जाय। 3सेवा अवधि के दौरान दिवंगत हुए 156मनरेगा कर्मचारीयों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति तथा समाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान किया जाए। हमारे आंदोलन पर ध्यान नहीं देने के कारण राज भवन का घेराव भी किया गया। तथा 15-16अप्रेल को रांची स्थित मंत्री महोदया के पुराने आवास भी घेरा गया। तथापि मंत्री महोदया द्वारा मनरेगा कर्मचारीयों से बात चीत नहीं किया गया। कमिश्नर सर से दो तीन दौर का वार्ता हुई जो विफल रहा।दिनांक 25/05/2026को विभागीय सचिव, मनरेगा कमिश्नर और संघ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता हुई जिसमें लगभग सहमति हो चुकी थी मगर मिनट्स में कुछ अस्पष्ट बातें थीं जिस पर संघ के प्रतिनिधियों ने सुधारने हेतु कहा गया, जो नहीं किया गया और हड़ताल अनवरत 88दिनों से जारी है। विगत 02/06/2026को संघ के आह्वान पर संथाल परगना के सभी जिलों के मनरेगा कर्मचारीयों के द्वारा चार दिवसीय ग्रामीण विकास मंत्री महोदया के क्षेत्रीय आवास खरोंघी मेहरमा प्रखंड गोड्डा के आवास घेराव कार्यक्रम रखा गया था जिसे बल र्पवक प्रशासन द्वारा हटा दिया गया। संघ के तरफ़ से माननीय मुख्यमंत्री महोदय से वार्ता हेतु लिखित दिया जाता रहा है और निरसा विधायक माननीय अनुप चटर्जी जी, मंत्री माननीय योगेन्द्र महतो जी, विधायक एम टी राजा जी, विधायक धनंजय सोरेन जी, वित्त मंत्री महोदय, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी,जे एम एम के बिनोद पाण्डेय जी र्पूव ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम जी और दर्जनों विधायक से मिलकर अपनी मांगों को रखते हुए वार्ता हेतु संघ और विभागीय अधिकारियों व मुख्यमंत्री महोदय, मंत्री महोदया से बैठा कर सम्मान जनक हल किया जाय। मगर परिणाम शुन्य। उलटे विभाग द्वारा दमनात्मक कार्यवाही हेतु दनादन पत्र र्निगत हो जा रहा है। मनरेगा कर्मचारीयों ने भी इस बार ठान लिया है कि 18-19वर्षो सेवा देने के बाद भी राम जी में कंटिजेंसी आधारित 11000-12000मे अनुबंध पर काम नहीं करेंगे। संघ आगे की रन्निति पर विचार कर रही है और संविधान के दायरे में लोकतांत्रिक तरीके से जोरदार उग्र आंदोलन कर शासन प्रशासन को अपनी जायज़ मांगें मनवा सके करेंगे। अबुआ सरकार अब निरंकुश सरकार लगने लगा है। जिले के मंत्री महोदया जो पहले हमारी पैरवी करते थे आज़ बाधक बन शक्ति का धनक दिखा रही हैं और माननीय मुख्यमंत्री महोदय भी आंख कान नाक बंद कर चुके हैं। एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री से 88दिनों में मिलने का समय नहीं मिलना काफी दुखद भी और चिंता की बात है। शीघ्र ही सरकार के सद्बुद्धि यज्ञ करने पर विचार किया जा रहा है। शायद भगवान कुछ काम आ जाए।