21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए प्रशासन और पुलिस की व्यापक तैयारी, सोशल मीडिया से लेकर स्ट्रांग रूम तक रहेगी कड़ी निगरानी
रांची, प्रतिनिधि।
21 जून को आयोजित होने वाले NEET (UG)-2026 री-एग्जाम को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए झारखंड में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने राज्य के सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, ट्रैफिक प्रबंधन और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है।
इस संबंध में 10 जून को एनटीए के महानिदेशक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी स्पेशल ब्रांच नौशाद आलम अंसारी, एसपी अभियान दीपक कुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

हर जिले में सुरक्षा व्यवस्था की होगी विशेष समीक्षा
एनटीए ने जामताड़ा और सरायकेला को छोड़कर राज्य के सभी जिलों के एसएसपी एवं एसपी को निर्देश दिया है कि वे उपायुक्त तथा जिला स्तरीय समन्वय समिति के साथ बैठक कर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें। प्रत्येक केंद्र पर आवश्यकता के अनुसार दंडाधिकारियों और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग तथा बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर, पेजर अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इन नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि प्रश्न पत्रों को स्ट्रांग रूम से परीक्षा केंद्रों तक तथा परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को पुनः स्ट्रांग रूम तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस की होगी। इसके लिए निर्धारित मार्गों को पहले से सुरक्षित किया जाएगा तथा पूरे रूट पर पुलिस की निगरानी रहेगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
योग दिवस के कारण ट्रैफिक प्रबंधन पर रहेगा विशेष फोकस
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन को यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी परीक्षार्थी को जाम या अन्य कारणों से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई न हो।
एयरफोर्स के माध्यम से पहुंचेंगे प्रश्न पत्र
री-एग्जाम के प्रश्न पत्र भारतीय वायुसेना के माध्यम से रांची, देवघर और जमशेदपुर हवाई अड्डों तक पहुंचाए जाएंगे। वहां से इन्हें झारखंड के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के अलावा बिहार के भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई तथा ओडिशा के केन्दुझर और रायरंगपुर तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की वापसी भी इसी व्यवस्था के तहत की जाएगी।
धनबाद के परीक्षा केंद्रों के लिए प्रश्न पत्र पश्चिम बंगाल के पानागढ़ एयरबेस से तथा सिमडेगा के लिए ओडिशा के राउरकेला एयरपोर्ट से भेजे जाएंगे। इसके लिए संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को अन्य राज्यों की पुलिस तथा डाक विभाग के अधिकारियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
सीसीटीवी निगरानी और फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती
परीक्षा केंद्रों पर व्यापक निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक जिले में विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया जाएगा, जो परीक्षा अवधि के दौरान लगातार गश्त करेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर टीम तत्काल कार्रवाई करेगी।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर
परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पेपर लीक, अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल और विशेष निगरानी दल इस कार्य में सक्रिय रहेंगे।
साइबर कैफे और कोचिंग संस्थानों पर भी निगरानी
पुलिस को परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोकॉपी दुकानों, साइबर कैफे और कोचिंग संस्थानों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा परीक्षा से जुड़ी अनियमितता की जानकारी मिलती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने पर जोर
समीक्षा बैठक के अंत में एनटीए ने सभी जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा से जुड़े प्रत्येक दिशा-निर्देश का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। एजेंसी का उद्देश्य है कि 21 जून को होने वाला NEET (UG)-2026 री-एग्जाम पूरी सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो तथा किसी भी अभ्यर्थी को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।