आरोपों को जिलाध्यक्ष ने बताया बेबुनियाद, कहा—राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाने की कोशिश
साहिबगंज, प्रतिनिधि।
जिले के जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र में एक कथित अवैध संबंध और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के साक्षरता मोड़ निवासी मोहसिन मियां ने वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष गौतम कुमार यादव पर अपनी पत्नी के साथ अवैध संबंध रखने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर न्याय एवं सुरक्षा की मांग की है।

क्या है मामला
मोहसिन मियां ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि भाजपा जिलाध्यक्ष गौतम कुमार यादव उसके पुराने मित्र रहे हैं और वर्षों से उसके घर आना-जाना था। इसी दौरान, उसके अनुसार, गौतम यादव का उसकी पत्नी उम्मे सलमा के साथ अवैध संबंध स्थापित हो गया।
मोहसिन का आरोप है कि 4 मार्च को होली के दिन उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया और अपने मोबाइल से वीडियो व फोटो बना लिया। आरोप है कि इस पर गौतम यादव और उसकी पत्नी ने मिलकर उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया तथा शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी।
पीड़ित के अनुसार, उसे उसके ही घर से बाहर निकाल दिया गया और मुख्य गेट बंद कर दिया गया। उसने दावा किया है कि वह कई दिनों से इधर-उधर शरण लेने को मजबूर है।
आवेदन में यह भी उल्लेख है कि 9 मार्च को जब वह अपने घर पहुंचा तो उसकी पत्नी ने कथित रूप से गौतम यादव को बुला लिया। आरोप है कि गौतम यादव ने कमर से देसी कट्टा निकालकर उसके सिर पर तान दिया और दोबारा घर आने पर जान से मारने की धमकी दी।
मोहसिन ने यह भी कहा है कि संबंधित मकान उसने अपनी कमाई से अपनी पत्नी के नाम पर खरीदा था, जिसका अब कथित रूप से गलत फायदा उठाया जा रहा है। उसने यह भी दावा किया है कि वर्तमान में आरोपी उसकी पत्नी के साथ बंगाल में हैं।
पीड़ित ने पुलिस से अपनी और अपनी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आरोपी भाजपा नेता और अपनी पत्नी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बताया झूठा
वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष गौतम कुमार यादव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक षड्यंत्र और व्यक्तिगत रंजिश से प्रेरित है।
गौतम यादव ने कहा कि लगभग आठ वर्ष पूर्व उन्होंने और मोहसिन ने अगल-बगल जमीन खरीदी थी। उनके अनुसार, मोहसिन ने घर निर्माण के दौरान उनकी पत्नी और बच्चों की उपस्थिति में उनसे ₹12 लाख नगद उधार लिया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन पर दुकान बनाई, जबकि मोहसिन ने मकान का निर्माण कराया।
जिलाध्यक्ष का दावा है कि जब उन्होंने अपना बकाया पैसा मांगा तो मोहसिन ने उन पर गंभीर और निराधार आरोप लगा दिए। उन्होंने कहा कि जमीन दलालों और राजनीतिक विरोधियों के इशारे पर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई है। उन्होंने संबंधित लोगों के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा करने की भी बात कही है।
गौतम यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि वे बंगाल में नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं।
पुलिस कर रही जांच
जिरवाबाड़ी थाना पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक पद से जुड़े इस मामले ने जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

