गोपाल शर्मा
झारखण्ड/ साहेबगंज
सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस विभाग लगातार गंभीरता से पहल कर रहा है। इसी क्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) द्वारा आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोड एक्सीडेंट एवं उससे संबंधित आंकड़ों के संधारण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों को व्यवस्थित ढंग से iRAD/eDAR पोर्टल पर दर्ज करने की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

इस वर्चुअल बैठक में जिले से पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) विजय कुमार कुशवाहा तथा iRAD/eDAR के मैनेजर मनोज कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान डीआईजी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित सभी अभिलेखों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर दर्ज किया जाए ताकि डेटा का संकलन सटीक एवं पारदर्शी ढंग से हो सके।
iRAD/eDAR पोर्टल पर समयबद्ध व शत-प्रतिशत डेटा एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश
उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों को तत्काल निपटाया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े 100 प्रतिशत प्रकरणों की एंट्री समय पर पोर्टल में उपलब्ध हो। डीआईजी ने इस बात पर जोर दिया कि दुर्घटनाओं के संबंध में व्यवस्थित डेटा उपलब्ध होना न केवल सड़क सुरक्षा योजनाओं के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जरूरी है, बल्कि इससे भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ बनाने में भी मदद मिलेगी।

बैठक के दौरान डीआईजी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि विभागीय समन्वय को और मजबूत बनाया जाए तथा सभी स्तरों पर जिम्मेदारियों का निर्वहन तत्परता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग, परिवहन विभाग एवं अन्य संबद्ध एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़े यदि सही समय पर दर्ज नहीं होते हैं, तो इससे न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ता है बल्कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा, बीमा क्लेम और अन्य आवश्यक लाभ दिलाने में भी विलंब होता है। इस कारण सभी अधिकारी अपने स्तर से जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) विजय कुमार कुशवाहा ने भी जिले के स्तर पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी बैठक में प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों को चिन्हित कर उन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाएगा।
iRAD/eDAR के मैनेजर मनोज कुमार ने तकनीकी पक्ष पर जानकारी साझा करते हुए अधिकारियों को डेटा एंट्री प्रक्रिया को सरल बनाने और त्वरित रूप से पूरा करने के लिए आवश्यक बिंदुओं से अवगत कराया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले समय में सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूल-कॉलेजों, परिवहन साधनों के चालकों एवं आम जनता को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अंत में पुलिस उप महानिरीक्षक ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाते हुए न केवल पोर्टल पर डेटा एंट्री सुनिश्चित करें, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई भी करें।