गोपाल शर्मा
झारखण्ड/ साहेबगंज
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” (DA-JGUA) एवं “आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत आज जिला मुख्यालय साहिबगंज के सिद्धो कान्हो सभागार में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त हेमंत सती ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ विधिवत रूप से किया गया।
इस क्रम में परियोजना निदेशक संजय कुमार दास ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी योजना की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान देश के 30 राज्यों और 550 जिलों में चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत लगभग 1 लाख गांवों को चिन्हित किया गया है।
झारखंड राज्य के 22 जिलों के 224 प्रखंडों के 7100 गांव इसमें शामिल हैं, जबकि साहिबगंज जिले के 08 प्रखंडों के 236 ग्राम इस योजना के प्रथम चरण में चिन्हित किए गए हैं।

परियोजना निदेशक ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय बहुल ग्रामों का सर्वांगीण विकास करना है। इस योजना के तहत गांव-स्तर पर “बॉटम-अप अप्रोच” अपनाई जाएगी, यानी ग्राम सभा और ग्रामवासियों की सहभागिता के साथ विकास का रोडमैप तय होगा।
पाँच वर्षों तक चलेगा विशेष अभियान
उन्होंने जानकारी दी कि साल 2024 से 2029 तक पांच वर्षों की अवधि में इस योजना के अंतर्गत 17 मंत्रालयों की 25 से अधिक योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जाएगा।
इन योजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, विद्युतीकरण एवं मोबाइल कनेक्टिविटी, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आयुष्मान भारत कार्ड, उज्ज्वला योजना अंतर्गत एलपीजी कनेक्शन, आधार कार्ड निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, समग्र शिक्षा अभियान के तहत छात्रावास व क्लासरूम निर्माण, स्किल डेवलपमेंट व ट्राइबल मार्केटिंग सेंटर, वनाधिकार पट्टा से लाभान्वित लोगों को कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन से जोड़ना, इनके अलावा अन्य कई योजनाएँ भी जनजातीय समुदाय तक संतृप्ति स्तर (सैचुरेशन मोड) में पहुँचाई जाएँगी।

समितियों की भूमिका
उपायुक्त हेमंत सती ने जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय समितियों की भूमिकाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिला समिति का दायित्व होगा कि योजना के समयबद्ध क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जाए और सभी योजनाओं की प्रगति को गति शक्ति पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्रखंड स्तरीय समिति गठित कर संबंधित अधिकारियों को शामिल किया जाए और चयनित ग्रामों में ग्राम सभा आयोजित कर विस्तृत विश्लेषण तैयार किया जाए। प्रत्येक ग्राम की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अलग-अलग विभाग डीपीआर तैयार करेंगे और राज्य मुख्यालय को भेजेंगे।
उपायुक्त के निर्देश और संकल्प
उपायुक्त श्री सती ने स्पष्ट कहा कि “यह अभियान हमारे जनजातीय समुदाय के लिए ऐतिहासिक अवसर है। जिले के सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पात्र लोगों तक पहुँचे।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रस्तावित निर्माण कार्यों (जैसे मार्केटिंग सेंटर, छात्रावास, आंगनबाड़ी भवन) के लिए सरकारी भूमि का चयन नियमानुसार किया जाए और संबंधित प्रखंड अंचलाधिकारी आवश्यक प्रतिवेदन उपलब्ध कराएँ।
साथ ही उन्होंने परियोजना निदेशक आईटीडीए को निर्देश दिया कि प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में समीक्षा बैठक आयोजित कर विभिन्न प्रखंडों और विभागों की प्रगति का आकलन किया जाए।
अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
कार्यक्रम में जिला के सभी वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रामदेव पासवान, जिला आपूर्ति पदाधिकारी झुन्नु मिश्रा, जिला परिवहन पदाधिकारी मिथिलेश कुमार चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी साहिबगंज अमर जॉन आईन्द, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी चित्रा यादव, जिला योजना पदाधिकारी अनूप कुमार सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी इसके अलावा संबंधित विभागों के कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
शपथ ग्रहण और सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपायुक्त श्री सती ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा – “हम सब इस अभियान का हिस्सा बनें और अपने जिले तथा समाज के उन भाइयों-बहनों तक विकास की रोशनी पहुँचाएँ, जो अब तक इस यात्रा में पिछड़ते रहे हैं। धरती आबा अभियान के माध्यम से हम अपने जनजातीय समुदाय के भविष्य को उज्ज्वल बनाने का संकल्प लेते हैं।”
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, जिला स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान केवल एक योजना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के समग्र विकास की ऐतिहासिक पहल है। इसके सफल क्रियान्वयन से न केवल बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी, बल्कि जनजातीय समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार आएगा।