गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहेबगंज
आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय जिला प्रक्रिया प्रयोगशाला का समापन आज जिला पंचायती राज सभागार, साहिबगंज में सफलता पूर्वक किया गया। इस अवसर पर प्रखंड स्तर के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों तथा अभियान से जुड़े कार्मिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर नेतृत्व कौशल विकसित करना, योजनाओं के समन्वय की जानकारी प्रदान करना, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत बनाना तथा सहभागी विकास की प्रक्रिया से अधिकारियों और कार्मिकों को अवगत कराना था, ताकि वे अपने-अपने प्रखंडों में आदि कर्मयोगी अभियान की प्रभावी रूपरेखा लागू कर सकें।

अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
इस प्रशिक्षण के दौरान चयनित अधिकारियों को प्रखंड मुख्य प्रशिक्षक के रूप में तैयार किया गया। आने वाले समय में यही मुख्य प्रशिक्षक ग्राम स्तर के कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और अग्रिम पंक्ति के कार्मिकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके परिणामस्वरूप योजनाओं और सेवाओं का लाभ जिले के प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुँच सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आदि कर्मयोगी अभियान की ‘परिवर्तन की सर्पिल प्रक्रिया’ से अवगत कराया गया, जिसमें जागरूकता, सशक्तिकरण, कार्रवाई, अनुकरणीय उदाहरण, संस्थानीकरण और विस्तार जैसे चरण सम्मिलित हैं। साथ ही उन्हें बताया गया कि किस प्रकार गाँव स्तर पर विजन योजना 2030 तैयार की जाएगी और प्रत्येक गाँव में आदि सेवा केंद्र स्थापित कर शिकायत निवारण एवं सेवा उपलब्ध कराने का एकल केंद्र बनाया जाएगा।

अंतिम दिन प्रतिभागियों को अभियान की मूल अवधारणा और राष्ट्रीय दृष्टिकोण से परिचित कराया गया। इसके साथ ही उन्हें व्यावहारिक अभ्यास, समूह कार्यशालाओं, अध्ययन प्रसंगों तथा मैदानी अनुकरण जैसी गतिविधियों से जोड़ा गया।
यह प्रयोगशाला न केवल अधिकारियों के लिए ज्ञान-विनिमय और क्षमता निर्माण का मंच बनी, बल्कि साहिबगंज जिले के सभी प्रखंडों में शासन की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक ठोस पहल सिद्ध हुई।
तैयार हुई जिला कार्ययोजना
कार्यक्रम के अंतिम चरण में जिला स्तर की कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें प्रखंड और ग्राम स्तर पर कार्यान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा सम्मिलित की गई है। इसी आधार पर आगामी महीनों में प्रखंड अभिमुखीकरण एवं ग्राम कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य विकसित भारत 2047 के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए जिले के आदिवासी समुदायों तक विकास की रफ्तार पहुँचाना है।

समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा एवं परियोजना निदेशक, आईटीडीए संजय कुमार दास द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए।