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प्रभात फेरी, भव्य शोभायात्रा और संत समागम होगा आकर्षण का केंद्र; तीन राज्यों से जुटेंगे हजारों श्रद्धालु


रांची, विशेष संवाददाता।
संत सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज की 142वीं पावन जयंती आगामी 30 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को राजधानी के चुटिया स्थित महर्षि मेंही आश्रम में अत्यंत हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाई जाएगी। इस महाआयोजन को लेकर आश्रम प्रबंधन और भक्तों में भारी उत्साह है। दिनभर चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।

प्रभात फेरी और भव्य शोभायात्रा का रूट चार्ट

उत्सव का शुभारंभ ब्रह्ममुहूर्त में प्रातः 5 बजे भव्य प्रभात फेरी के साथ होगा।

  • पदयात्रा मार्ग: आश्रम प्रांगण से शुरू होकर चुटिया बाजार, नीचे चुटिया से होते हुए सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय तक जाएगी। वापसी में यह शनि मंदिर, चुटिया पहुंचेगी।

  • नगर भ्रमण (झांकी): इसके पश्चात विभिन्न प्रकार के झांकी युक्त वाहनों से सुसज्जित भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा काली मंदिर (मेन रोड) से होकर फिरायालाल गोल चक्कर, हनुमान मंदिर और सुजाता चौक से गुजरेगी।

  • समापन: ब्रिटिश लाइब्रेरी होते हुए योगदा मुख्य द्वार सत्संग स्थल पर झांकी का समापन होगा, जहाँ से श्रद्धालु पुनः पदयात्रा करते हुए आश्रम लौटेंगे।

दिनभर गूंजेंगे भजन और गुरुवाणी: विस्तृत कार्यक्रम

जयंती के अवसर पर आश्रम परिसर में आध्यात्मिक कार्यक्रमों की एक लंबी श्रृंखला तैयार की गई है:

  • प्रातः 07:00 बजे: सामूहिक स्तुति-प्रार्थना एवं प्रातःकालीन सत्संग।

  • सुबह 08:00 बजे: गुरु महाराज के विग्रह पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि।

  • सुबह 09:00 बजे: विशाल ‘संत समागम’, जिसमें विभिन्न मठों के प्रबुद्ध संत शिरकत करेंगे।

  • दोपहर 11:00 बजे: साधु-भंडारा एवं भक्तों के लिए सामूहिक महाप्रसाद (भंडारा)।

  • अपराह्न 02:00 – 03:00 बजे: सामूहिक ध्यान-साधना (मौन साधना)।

  • शाम 03:00 बजे से: स्तुति-विनती, रामचरितमानस का सस्वर पाठ और भजन-कीर्तन।

विद्वानों द्वारा होगा व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश

शाम के सत्र में विशेष चर्चा का आयोजन होगा, जहाँ देश भर से आए विद्वान और संत-महात्मा महर्षि मेंही जी महाराज के जीवन दर्शन, उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे। वक्ता गुरु महाराज के उन उपदेशों को साझा करेंगे जो समाज में शांति, सद्भाव और मोक्ष प्राप्ति के मार्ग को प्रशस्त करते हैं।

आयोजकों की अपील

आयोजन समिति ने झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों के सभी श्रद्धालुओं और आम जनमानस से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पावन जयंती समारोह को सफल बनाएं और गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करें। आश्रम परिसर में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

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