धर्म की रक्षा के लिए लिया था अवतार, गोष्ठी में वक्ताओं ने बताई महत्ता
साहिबगंज, संवाददाता।
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर रविवार को शहर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मारवाड़ी ब्राह्मण छोटी धर्मशाला में श्री परशुराम अखाड़ा एवं मारवाड़ी ब्राह्मण पंचायत समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना की गई तथा ध्वजारोहण किया गया।

पूजन के उपरांत शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभा यात्रा चौक बाजार, पटेल चौक, स्टेशन चौक, कॉलेज रोड होते हुए पूर्वी फाटक के रास्ते आरएपी सेंटर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में भगवान परशुराम के प्रतीक हथियार फरसा और तलवार लेकर चल रहे थे। वहीं भगवान परशुराम का वेश धारण किए एक युवक विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
आरएपी सेंटर में आयोजित सामाजिक गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन और उनके अवतार की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भगवान विष्णु के छठे अवतार थे। महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र परशुराम का जन्म त्रेता युग में हुआ था। वे भगवान शिव के परम भक्त, शस्त्र विद्या में निपुण तथा अष्टचिरंजीवियों में से एक माने जाते हैं।
वक्ताओं ने बताया कि भगवान परशुराम ने अत्याचारी और अहंकारी क्षत्रियों के विरुद्ध धर्म की स्थापना के लिए 21 बार पृथ्वी को उनके अत्याचारों से मुक्त कराया। धर्म और न्याय की रक्षा के लिए उनका अवतार आज भी प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण एवं सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर समाजसेवी गणेश तिवारी, राजीव ओझा, श्रीकांत ओझा, अंकित पांडेय, मनोज झा, डब्लू ओझा, दिनेश पांडेय, संजय तिवारी, राजेश वर्मा, परमानंद उपाध्याय, भगवान जोशी, आलोक ओझा, बबलू तिवारी, कौशल किशोर ओझा, श्रवण शर्मा, रघुनाथ पारीक, देवाशीष पांडे, अमित भारती, अरविंद पांडे, सुमन झा, ज्योति मिश्रा, सोनी दुबे, कविता देवी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

