रांची, प्रतिनिधि।
झारखंड के सिमडेगा जिले में महिला स्वयं सहायता समूहों और किसानों की मेहनत अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने लगी है। बिरसा हरित ग्राम बागवानी योजना के तहत उत्पादित सिमडेगा के प्रसिद्ध आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) भेजी गई है। इस उपलब्धि को किसानों और महिला-नेतृत्व वाले किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सिमडेगा की उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को जिले में संचालित बिरसा हरित ग्राम बागवानी योजना की प्रगति और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
उपायुक्त ने बताया कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के सहयोग से महिला जागृति एवं बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की अगुवाई में आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक निर्यात खेप लंदन के लिए रवाना की गई है। यह उपलब्धि न केवल जिले के किसानों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि महिला नेतृत्व वाले एफपीओ को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुलाकात के दौरान महिला समूहों की प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को सिमडेगा में उत्पादित आम्रपाली आम भेंट किए। इस अवसर पर विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जिला प्रशासन, महिला स्वयं सहायता समूहों और किसानों के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड के किसानों की उपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि आधारित निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिमडेगा की यह सफलता राज्य के अन्य जिलों के किसानों और महिला समूहों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
गौरतलब है कि बिरसा हरित ग्राम बागवानी योजना के माध्यम से झारखंड में फलोत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने का प्रयास किया जा रहा है। सिमडेगा से आम्रपाली आम का अंतरराष्ट्रीय निर्यात इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
