साहिबगंज, संवाददाता।
बुधवार को परियोजना कार्यालय, पुलिस लाइन स्थित सभागार में विद्यालय प्रमाणीकरण से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक तथा शिक्षिकाओं ने भाग लिया। हालांकि मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, प्रखंड स्तरीय आदर्श विद्यालय एवं पीएम श्री विद्यालयों को इस प्रशिक्षण से अलग रखा गया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि प्रमाणीकरण के तीसरे एवं चौथे चरण (राउंड-3 एवं 4) का कार्य जुलाई से सितंबर माह के बीच विद्यालय स्तर पर संचालित किया जाएगा। इसके लिए कुल 49 विद्यालयों को तैयार किया गया है। इनमें 38 विद्यालय कक्षा 1 से 10 तक, 2 विद्यालय कक्षा 1 से 12 तक, 8 विद्यालय कक्षा 6 से 12 तक तथा 1 विद्यालय कक्षा 9 से 12 तक संचालित हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय सर्टिफिकेशन के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना ही प्रमाणीकरण का मुख्य आधार है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे प्रतिदिन इन बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य करें, तभी प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सार्थक सिद्ध होगी।
प्रशिक्षण सत्र में डीजीसी मैडम श्रीमती शबनम तबस्सुम ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों की पूर्ण उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। वहीं कार्यशाला का संचालन एवं प्रस्तावना रखते हुए एपीओ संजय तिवारी ने कहा कि स्कूल सर्टिफिकेशन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन संभव है और इसमें शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि सभी शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में ईमानदारी से प्रयास करें, तो वह दिन दूर नहीं जब साहिबगंज जिला शिक्षा के क्षेत्र में राज्य स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल करेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर चार्ल्स हेंब्रम, क्षेत्र प्रबंधक जयंत कुमार सहित जिले के विभिन्न उच्च विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि पूर्व में आयोजित पहले एवं दूसरे चरण के प्रमाणीकरण में जिले के 1 विद्यालय को स्वर्ण, 49 विद्यालयों को रजत (सिल्वर) तथा 1 विद्यालय को ब्रॉन्ज श्रेणी प्राप्त हो चुकी है, जो जिले के लिए गौरव की बात है।
