पतना, प्रतिनिधि।
पतना प्रखंड परिसर में शुक्रवार को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) एवं मनरेगा के संयुक्त तत्वावधान में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम उत्सव सह बागवानी मेला का आयोजन किया गया। मेले में सखी मंडल की दीदियों एवं स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न किस्मों के आमों का प्रदर्शन एवं बिक्री की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, उपभोक्ताओं तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया।

मेले में मालदा दूधिया, लंगड़ा, खीरसापति, आम्रपाली, फाजली, बरमसिया तथा बम्बईया जैसी लोकप्रिय किस्मों के आम आकर्षण का केंद्र रहे। सखी मंडल की दीदियों ने अपने उत्पादों को स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शित किया, जहां स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक खरीदारी कर उनके प्रयासों को सराहा।
कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) राहुल कुमार वर्मा, मनरेगा के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ) मनीष कुमार, सामुदायिक समन्वयक परवेज आलम, जेएसएलपीएस के सीसी, आईपीआरपी, बीआरपी (लाइवलीहुड), सखी मंडल की दीदियां तथा आम उत्पादक किसान सोनिया देवी, रूपा देवी, जेम्स टुडू एवं मोनिका देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

इस अवसर पर बीपीएम राहुल कुमार वर्मा एवं बीपीओ मनीष कुमार ने कहा कि मेले का मुख्य उद्देश्य सखी मंडल की महिलाओं एवं आम उत्पादक किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना तथा स्थानीय स्तर पर उत्पादित फलों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को बागवानी गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है तथा उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होता है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित कर रही है।
मेले के दौरान आम उत्पादक किसानों एवं सखी मंडल की दीदियों को बागवानी प्रबंधन, फलों के विपणन, पैकेजिंग तथा मूल्य संवर्धन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने के उपायों से अवगत कराया।
मेले में विभिन्न किस्मों के आमों की अच्छी बिक्री होने से किसानों एवं सखी मंडल की महिलाओं में उत्साह देखा गया। उपस्थित लोगों ने इस प्रकार के आयोजनों को ग्रामीण उत्पादों के विपणन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में आयोजित यह आम उत्सव सह बागवानी मेला स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने तथा किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।