साहिबगंज, प्रतिनिधि।
आम नागरिकों को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को इंडियन बैंक, साहिबगंज परिसर में “स्थायी लोक अदालत की सांविधिक प्रक्रिया, सुलहकारी अधिदेश एवं न्यायनिर्णयन शक्तियाँ” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) साहिबगंज श्री अखिल कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्थायी लोक अदालत की भूमिका, अधिकारिता तथा लोक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित वाद-पूर्व (प्री-लिटिगेशन) मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के प्रति विभागों एवं संबंधित हितधारकों को जागरूक करना था। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों तथा लोक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े कर्मियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर स्थायी लोक अदालत, साहिबगंज के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकार अधिनियम, 1987 के तहत स्थायी लोक अदालत को लोक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए विशेष वैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने बताया कि इसका प्रमुख उद्देश्य लोगों को कम खर्च में शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के दबाव को कम करना है।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग, बीमा, विद्युत, दूरसंचार, परिवहन एवं अन्य लोक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवादों का समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने मामलों के संदर्भण, सुलह प्रक्रिया तथा सुलह विफल होने की स्थिति में विवाद के गुण-दोष के आधार पर निर्णय देने की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही विभागों एवं सेवा प्रदाताओं से अधिकाधिक वाद-पूर्व मामलों को स्थायी लोक अदालत के समक्ष लाने की अपील की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज के सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि नियमित लोक अदालतें मुख्य रूप से सुलह एवं समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण करती हैं, जबकि स्थायी लोक अदालत को सुलह विफल होने की स्थिति में भी विवाद का अंतिम निर्णय देने की वैधानिक शक्ति प्राप्त है। उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत द्वारा पारित निर्णय अंतिम होते हैं और सभी पक्षकारों पर बाध्यकारी रूप से लागू होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्थायी लोक अदालत में मामलों को प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, संबंधित विधिक प्रावधानों एवं विभागीय समन्वय की आवश्यकता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न विभागों को अधिकाधिक मामलों के त्वरित, सौहार्दपूर्ण एवं प्रभावी समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत की सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के सदस्य शिवशंकर दुबे एवं आलोक रंजन वर्मा सहित इंडियन बैंक तथा विभिन्न लोक उपयोगिता सेवा विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।