तालझारी (बालिका वर्ग) और उधवा (बालक वर्ग) बने विजेता, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई
गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहेबगंज
झारखंड शिक्षा परियोजना के तत्वावधान में आयोजित खेलो झारखंड जिला स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का पाँचवाँ दिन रोमांच और उत्साह से भरा रहा। प्रतियोगिता में अंडर–17 आयु वर्ग के बालक एवं बालिका वर्ग की टीमें मैदान में उतरीं और बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

बालिका वर्ग में तालझारी का दबदबा दिनभर चले मुकाबलों में बालिका वर्ग का प्रदर्शन विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा। प्रारंभिक दौर में उधवा, बड़हरवा, तालझारी और बरहेट ने क्वालीफाई किया। पहले सेमीफाइनल में बड़हरवा ने उधवा को हराया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में तालझारी ने बरहेट को 4–2 से मात दी।
फाइनल में तालझारी और बड़हरवा आमने-सामने हुए। तालझारी की खिलाड़ी पूरे मैच में आक्रामक रहीं और शानदार खेल दिखाते हुए दो गोल से बड़हरवा को परास्त कर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही तालझारी की टीम ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया।
बालक वर्ग में उधवा की शानदार जीत बालक वर्ग के मैच भी बेहद रोमांचक रहे। पहले राउंड में तालझारी, राजमहल, मंडरो और बरहेट ने जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में मंडरो और उधवा का मैच पेनाल्टी शूटआउट तक गया, जिसमें उधवा ने 3–2 से जीत हासिल की। दूसरे सेमीफाइनल में बरहेट ने राजमहल को 2–0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
फाइनल में उधवा और बरहेट आमने-सामने हुए। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन निर्णायक क्षणों में उधवा ने बढ़त बनाई और 5–4 से बरहेट को परास्त कर विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में ए.पी.ओ. शबनम तबस्सुम ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की और खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में जिले के शारीरिक शिक्षकों एवं सहयोगी कर्मियों की अहम भूमिका रही। इनमें प्रमुख रूप से वीरेंद्र कुमार, बमबम कुमार, आदित्य कुमार, शंभू राय, सत्येंद्र शाह, प्रियंका कुमारी, विजय भान सिंह, जूली मुर्मू, दीपक कुमार मंडल, दीपक कुमार सिंह, मनोज कुमार, राकेश कुमार राका, ज्योति पन्ना, लूसी कुमारी, नवनीत कुमार, नितीश कुमार दास, सुनील कुमार, सुजीत मलिक, रीना रोजलाना, धारणिकांत बर्मन, विवेक कुमार, विनय चौरसिया, दिवाकर सिंह, अनुज कुमार, सोनेलाल मंडल, दिवाकर दुबे, चंद्रकांत गौतम, राजीव कुमार, अरुण कुमार दास, दीपक सिंह, सरिता कुमारी, संजय कुमार, नीरू सोरेन, लूसी किस्कू, स्वीकृति शाह, सद्र आलम, खुर्शीद आलम सहित अनेक शिक्षकों का विशेष योगदान रहा।
