गोपाल शर्मा
झारखंड/ पाकुड़ ।
पाकुड़ जिला स्वास्थ्य सेवाओं ने राज्य स्तर पर एक और अहम उपलब्धि दर्ज की है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणन के अंतर्गत हाल ही में 6 नए स्वास्थ्य केंद्रों को प्रमाणित किया गया है। इसके साथ ही जिले में अब तक कुल 39 स्वास्थ्य संस्थान एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त कर चुके हैं, जबकि 5 और संस्थानों का परिणाम शीघ्र जारी होने वाला है। इस वर्ष पाकुड़ जिले का लक्ष्य 50 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को इस मानक से प्रमाणित कराने का है।

उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता और मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने यह उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इस अवसर पर उन्होंने सिविल सर्जन सहित संपूर्ण स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि –
“यह उपलब्धि दर्शाती है कि पाकुड़ जिला गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में निरंतर सुधार कर रहा है। स्वास्थ्य सेवा इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवा वितरण (Service Delivery) में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है।”
“प्रोजेक्ट जागृति” से मिला बल
उपायुक्त ने बताया कि जिले में “प्रोजेक्ट जागृति” लागू होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था के हर पैरामीटर पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने और सेवा वितरण को सुदृढ़ बनाने में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में कालाजार उन्मूलन को लेकर राज्य स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक में पाकुड़ जिले की उपलब्धियों को पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से साझा किया गया, जहाँ राज्य एवं केंद्र की टीम मौजूद थी। परिणामस्वरूप जिले में कालाजार के केसों में उल्लेखनीय कमी आई है।
एनीमिया मुक्त झारखंड अभियान में दूसरा स्थान
स्वास्थ्य सुधार की इस यात्रा में पाकुड़ जिले ने एनीमिया मुक्त झारखंड अभियान के अंतर्गत भी सराहनीय सफलता पाई है। इस अभियान में जिले ने पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी सक्रियता और मेहनत को सिद्ध किया है।
स्वास्थ्य सेवाएँ होंगी और सुदृढ़
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में जिले की स्वास्थ्य सेवाएँ और भी मज़बूत होंगी तथा तय लक्ष्य समय पर पूरे किए जाएंगे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए निरंतर समर्पण और मेहनत जारी रखने का आह्वान किया।

