गोपाल शर्मा
झारखंड/ पाकुड़।
जिलान्तर्गत बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी नवंबर माह से प्रारंभ होने वाले 100 दिवसीय बाल विवाह उन्मूलन अभियान की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जनलोक कल्याण परिषद्, पाकुड़ द्वारा नवंबर 2025 से बाल विवाह उन्मूलन को लेकर विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता फैलाना तथा संवेदनशील समुदायों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुँचाना है।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि इस दिशा में सभी विभाग, संस्थाएँ एवं सामाजिक संगठन समन्वयपूर्ण तरीके से कार्य करें, ताकि अभियान का प्रभाव अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के उच्च जोखिम वाले प्रखंडों, पंचायतों एवं परिवारों की पहचान कर लक्षित हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक नेता, पुरोहित, बैंड-बाजा संचालक, टेंट व्यवसायी आदि से संवाद स्थापित कर सामाजिक सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा दिया जाए। प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर हेल्पलाइन ग्रुप गठित किए जाएँ ताकि किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
किशोरियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए साइकिल वितरण योजना, छात्रवृत्ति योजना और अन्य प्रोत्साहन कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त ने विद्यालयों में स्टूडेंट हेल्प ग्रुप (SHG) के गठन, परामर्श सत्रों एवं जागरूकता अभियानों को गति देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ड्रॉपआउट एवं अनुपस्थित छात्रों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालयों से जोड़ा जाए।
विद्यालयों और महाविद्यालयों में वीडियो प्रदर्शन, स्लोगन लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों के बीच बाल विवाह उन्मूलन का संदेश प्रसारित करने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि “बाल विवाह समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इसके उन्मूलन के लिए जिला प्रशासन, सामाजिक संस्थाएँ और आमजन—सभी को मिलकर कार्य करना होगा।”
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें और जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सुनिश्चित करें।
इस बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जनलोक कल्याण परिषद् के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

