लाभुकों की समस्याओं का हुआ समाधान, ई-केवाईसी सप्ताह की हुई शुरुआत — पारदर्शी वितरण व्यवस्था पर जोर
गोपाल शर्मा
झारखंड/ पाकुड़।
उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देशानुसार प्रोजेक्ट आहार के तहत जिलेभर में “आहार दिवस” का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष दिवस का उद्देश्य लाभुकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना, राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना तथा योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।

जिलेभर में हुआ निरीक्षण, लाभुकों को मिला निर्धारित अनाज
कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी प्रखंडों में जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि लाभुकों को निर्धारित मात्रा में अनाज का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है।
साथ ही, जिन लाभुकों का ई-केवाईसी अभी तक लंबित था, उनका पंजीकरण स्थल पर ही पूर्ण कराया गया।

उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश – कोई भी लाभुक न रहे वंचित
इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी पात्र लाभुक को राशन या अन्य कल्याणकारी योजना से वंचित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का निवारण स्थल पर ही और उसी दिन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धोती–साड़ी योजना के तहत हुआ वस्त्र वितरण
“आहार दिवस” कार्यक्रम के दौरान धोती-साड़ी योजना के अंतर्गत पात्र लाभुकों को वस्त्रों का वितरण भी किया गया। लाभुकों ने इस पहल की सराहना करते हुए सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
12 नवंबर तक चलेगा “ई-केवाईसी सप्ताह”
कार्यक्रम के दौरान ई-केवाईसी सप्ताह की भी औपचारिक शुरुआत की गई, जो 12 नवंबर तक चलेगा। जिन लाभुकों का ई-केवाईसी अब तक लंबित है, वे अपने निकटवर्ती पीडीएस दुकान या स्मार्ट पीडीएस पोर्टल के माध्यम से इसे पूर्ण करा सकते हैं।
हर माह की 6 तारीख को मनाया जाएगा “आहार दिवस”
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जिले में प्रत्येक माह की 6 तारीख को “आहार दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन योजनाओं की समीक्षा, शिकायत निवारण और लाभुकों के साथ संवाद सुनिश्चित किया जाएगा ताकि वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सक्रिय रूप से “आहार दिवस” में भाग लेकर योजनाओं का लाभ प्राप्त करें और अपनी आवश्यकताओं या शिकायतों को सीधे संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखें।

