गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहिबगंज।
माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज द्वारा आज जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज, अखिल कुमार के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान लीगल एड डिफेंस कौंसिल (न्याय रक्षक) एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स (न्याय मित्र) ने स्थानीय लोगों को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सुरक्षा तथा भरण-पोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने बताया कि इस अधिनियम का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के बुजुर्ग सम्मानपूर्वक, सुरक्षित एवं आर्थिक रूप से सक्षम जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अपेक्षित है कि नागरिक अपने माता-पिता एवं परिवार के बुजुर्ग सदस्यों की देखभाल में संवेदनशील और सहयोगी भूमिका निभाएँ।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अधिनियम उन माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी सहारा प्रदान करता है, जो उपेक्षा, आर्थिक तंगी अथवा देखभाल के अभाव का सामना कर रहे हैं। अधिनियम के अंतर्गत वयस्क संतान, रिश्तेदार या वैधानिक अभिभावक पर उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। किसी भी प्रकार की उपेक्षा की स्थिति में संबंधित व्यक्ति अधिनियम के तहत न्याय एवं राहत के लिए आवेदन कर सकता है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं—भरण-पोषण का अधिकार, त्वरित सुनवाई, मासिक भत्ता, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, आवास एवं देखभाल से जुड़े प्रावधान—पर विस्तृत चर्चा की गई।
स्थानीय नागरिकों को जागरूक करने के लिए पम्पलेट वितरित किए गए तथा लोगों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में समझाया गया। उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए अपने बुजुर्गों की सम्मानपूर्वक देखभाल एवं सहयोग का संकल्प भी व्यक्त किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा ऐसे जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि समाज में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।

