गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहिबगंज।
तालझारी प्रखंड के कल्याणी पंचायत अंतर्गत कलस्टर महाराजपुर ग्राम में सोमवार को SMAE/ATMA योजना के तहत किसानों के बीच मटर बीज का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी–सह–परियोजना निदेशक, आत्मा साहिबगंज प्रमोद एक्का ने 10 किसानों को मटर बीज प्रभेद GS-10 प्रदान किया।

कृषि विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रबी मौसम में उन्नत एवं वैज्ञानिक पद्धति से मटर की खेती के लिए प्रोत्साहित करना था।
उन्नत खेती तकनीक पर विस्तृत मार्गदर्शन
बीज वितरण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को मटर की वैज्ञानिक खेती से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि—
- खेत की तैयारी के दौरान 3–5 टन प्रति हेक्टेयर गोबर खाद या वर्मी कम्पोस्ट अवश्य डालें।
- मटर की अच्छी पैदावार हेतु 20–25 किग्रा नाइट्रोजन, 50 किग्रा फास्फोरस एवं 25 किग्रा पोटाश प्रति हेक्टेयर प्रयोग करना आवश्यक है।
- बीज को फफूंदनाशी एवं राइजोबियम कल्चर से उपचारित करना अनिवार्य बताया गया।
- पौधों के बीच दूरी 15–20 से.मी. तथा पंक्तियों की दूरी 30–45 से.मी. रखने की सलाह दी गई।
मिट्टी जांच का महत्व समझाया
कार्यक्रम में उपस्थित प्रखंड तकनीकी प्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा ने किसानों को मिट्टी जांच की आवश्यकता एवं उसके लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिट्टी जांच से किसानों को यह पता चलता है कि उनकी मिट्टी में कौन-कौन से पोषक तत्वों की कमी है और किस खाद की कितनी मात्रा की जरूरत है।
उन्होंने सभी किसानों से अपने खेतों की मिट्टी की नियमित जांच कराने का आग्रह भी किया।
किसान हितकारी योजनाओं की दी जानकारी
जिला कृषि पदाधिकारी ने कृषि विभाग एवं आत्मा द्वारा संचालित विभिन्न किसान हितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। साथ ही किसानों को इन योजनाओं से जुड़कर अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में स्थानीय किसान, कृषि कर्मी तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों ने किसानों को समय-समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।
