गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहिबगंज।
संविधान दिवस के अवसर पर व्यवहार न्यायालय साहिबगंज में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें संविधान की भावना, उद्देश्यों और मूल सिद्धांतों के प्रति निष्ठा प्रकट की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) श्री अखिल कुमार ने की।

कार्यक्रम के दौरान श्री अखिल कुमार ने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालय कर्मियों के साथ भारत के संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठन कराया। उन्होंने कहा कि “संविधान हमारे देश का सर्वोच्च विधान है, जो प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय के साथ-साथ विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा समान अवसर उपलब्ध कराता है।”
उन्होंने सभी को संविधान के मूल मूल्य—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी।

वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं—
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम श्री शेखर कुमार
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री सिंधुनाथ लमाये
सीनियर सिविल जज श्री आलोक मरांडी
रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी श्री राहुल कुमार
अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी श्री तुषार आनंद
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी श्री सुमित कुमार वर्मा
चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल– न्याय रक्षक अरविंद गोयल एवं उनकी टीम
इसके अलावा न्यायालय कर्मी, पारा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) और विधिक सेवा से जुड़े विभिन्न सदस्य भी उपस्थित रहे।
प्रखंडों व विद्यालयों में भी हुआ प्रस्तावना वाचन
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज के सचिव श्री विश्वनाथ भगत ने जानकारी दी कि जिले के सभी प्रखंडों और विद्यालयों में पारा लीगल वॉलंटियर्स एवं न्याय मित्रों द्वारा बच्चों तथा आम जनमानस के बीच भी संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया गया।
सबों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करेंगे तथा संविधान की मूल भावना को सदैव बनाए रखेंगे।
कार्यक्रम का समापन संविधान के प्रति दृढ़ आस्था और राष्ट्रीय मूल्यों की पुनर्प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
