गोपाल शर्मा
झारखंड/ पाकुड़।
आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में एक विशेष कार्ययोजना के तहत स्कूली बच्चों को योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना और आयुष चिकित्सा पद्धतियों की महत्ता को जन-जन तक पहुंचाना है।

शुक्रवार को जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चांचकी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरमसिया समेत कुल 14 विद्यालयों में योग प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न तकनीकें सिखाई गईं। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को बताया गया कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है बल्कि मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास भी विकसित होता है।

आयुष विभाग के पदाधिकारियों ने बताया कि आयुर्विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत यह गतिविधि निरंतर चल रही है। आने वाले समय में जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी प्रकार के योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को योग और आयुष पद्धतियों से जोड़ा जा सके।
बच्चों ने भी इस पहल में उत्साहपूर्वक भाग लिया और योगासन के महत्व को समझते हुए इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करने का संकल्प लिया।
