गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहिबगंज।
राजमहल प्रखंड सभागार में आज जल सहिया के साथ प्रखंड स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सूर्यनारायण चौधरी ने की। बैठक में सभी जल सहिया उपस्थित रहीं, जिनसे उनके कार्य क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी ली गई तथा प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान अध्यक्ष श्री चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जल सहिया का मानदेय कार्य मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सभी जल सहियाओं को निर्देश दिया कि वे अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से निर्वहन करें, ताकि सरकार की महत्वाकांक्षी जल एवं स्वच्छता योजनाएं प्रभावी रूप से धरातल पर उतर सकें।

उन्होंने कहा — “जल सहिया ग्रामीण स्वच्छता एवं पेयजल प्रबंधन की मुख्य कड़ी हैं। इनके कार्य की गुणवत्ता ही ग्रामीण स्वास्थ्य और विकास का आधार है।”
बैठक में मनरेगा बीपीओ गगन बापू ने ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने समिति के दायित्वों की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा कि समिति को चाहिए कि —
- जल स्रोतों की नियमित निगरानी करें,
- खराब पड़े हैंडपंप व पाइपलाइन की सूचना शीघ्रता से उपलब्ध कराएँ,
- साफ-सफाई एवं स्वच्छता के प्रति समुदाय में जागरूकता फैलाएँ,
- जल की गुणवत्ता की जांच करें और दूषित जल की रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजें।
उन्होंने यह भी बताया कि इन कार्यों के माध्यम से ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होगी और जलजनित बीमारियों के खतरे में कमी आएगी।
बैठक में पूनम सिंह, रेखा देवी, सोना मरांडी, सरला देवी सहित कई जल सहियाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्पन्न समस्याओं और कार्य प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी सुझाव दिए।
प्रखंड प्रशासन द्वारा इस समीक्षा बैठक को जल एवं स्वच्छता से संबंधित योजनाओं को और अधिक प्रभावी एवं परिणामकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

