गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहिबगंज।
समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला टास्क फोर्स (DTF) की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं जनोन्मुख बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मी उपस्थित थे।

बैठक में मुख्यमंत्री कायाकल्प योजना, मुख्यमंत्री अस्पताल प्रबंधन एवं अनुसंरक्षण योजना, तथा आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति का ब्योरा लेते हुए कहा कि—
“जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।”
उन्होंने मुख्यमंत्री कायाकल्प योजना के तहत सभी अस्पतालों को स्वच्छता, रोगी सुविधा, बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन एवं सामुदायिक सहभागिता जैसे मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि अस्पतालों में स्वच्छ वातावरण, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी योजना में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें।
बैठक के अंत में उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि —
“स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय — सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। योजनाओं का लक्ष्य समय पर पूरा कर जिले को राज्य में एक आदर्श स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित करना हमारा संकल्प है।”

