गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहिबगंज।
जिले में शिक्षा और बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने शुक्रवार को निर्माणाधीन केंद्रीय विद्यालय भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की बारीकी से समीक्षा की। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसी को निर्देश दिया कि विद्यालय भवन का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध हो सके।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा का सुदृढ़ बुनियादी ढांचा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है, इसलिए निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय भवन का प्रत्येक खंड मानक के अनुरूप हो और परिसर में पर्याप्त प्रकाश, स्वच्छता एवं सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के पश्चात उपायुक्त हेमंत सती ने नव-निर्मित बाल गृह भवन का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों का विधिवत प्रवेश कराया और उनके साथ सौहार्दपूर्ण संवाद किया। उपायुक्त ने बाल गृह में रह रहे बच्चों की सुख-सुविधा, भोजन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों की देखभाल में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।

उन्होंने कहा कि बाल गृह केवल आश्रय का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र होना चाहिए। इसके लिए स्वच्छता, पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और मनोरंजनात्मक गतिविधियों की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त हेमंत सती ने इस अवसर पर कहा —
“जिले के प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, स्वच्छ एवं प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा तो समाज और राष्ट्र का भविष्य भी उज्ज्वल होगा।”
कार्यक्रम के दौरान जिला समाज कल्याण विभाग के पदाधिकारी, बाल गृह प्रबंधन समिति के सदस्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
