जिला स्तरीय पशु मेला-सह-प्रदर्शनी एवं परिसंपत्ति वितरण समारोह 2026 का आयोजन संपन्न
जिला गव्य कार्यालय परिसर, गोड्डा में जिला स्तरीय पशु मेला-सह-प्रदर्शनी एवं परिसंपत्ति वितरण समारोह 2026 का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों से अवगत कराना, पशुपालन के क्षेत्र में बेहतर नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देना तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण करना था। कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशुओं के पालन-पोषण, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, संतुलित आहार तथा डेयरी विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पशु चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा पशुपालकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि पशुपालन को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धति से किया जाए तो यह किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का सशक्त साधन बन सकता है। उन्होंने पशुपालकों से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाने तथा पशुधन के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। लाभुकों को दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक उपकरण, पशुपालन से संबंधित सामग्री तथा अन्य सहायता प्रदान की गई, जिससे वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। इस अवसर पर आयोजित पशु प्रदर्शनी में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए पशुपालकों ने अपने उन्नत नस्ल के पशुओं का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में उत्कृष्ट पशुओं का चयन कर पशुपालकों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत भी किया गया। इससे *पशुपालकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हुई तथा उन्नत पशुपालन के प्रति जागरूकता बढ़ी।
कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पशुपालन एवं डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करना तथा किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।
इस अवसर पर जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ0 मनोज कुमार सिंह ,कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ0 रवि शंकर,जिला गब्य विकास पदाधिकारी श्री अरविंद कुमार संबंधित विभागों के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, विभिन्न प्रखंडों से आए पशुपालक, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।