विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति, स्वच्छ रसोईघर एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर दिया गया बल
गोपाल शर्मा
झारखंड/ पाकुड़।
उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों के शिक्षा पदाधिकारियों, बीईईओ, प्रखंड समन्वयक, एमडीएम प्रभारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उपायुक्त ने मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने विद्यालयों में प्रत्येक माह खाद्यान्न की समय पर उपलब्धता, रसोई घरों की स्थिति एवं विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मिड-डे-मील योजना की नियमित एवं प्रभावी निगरानी की जाए ताकि बच्चों को प्रतिदिन प्रोटीनयुक्त, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति शिक्षा की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी है, इसलिए उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षकों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में “आज क्या सीखा” जैसी गतिविधियों, क्विज़ प्रतियोगिताओं, एवं तिथि भोज जैसे आयोजन को नियमित रूप से करने का निर्देश दिया ताकि बच्चों में सीखने की रुचि बनी रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विद्यालयों के रसोई घरों की स्वच्छता एवं सुरक्षा की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों में किचन शेड सुरक्षित एवं उपयुक्त स्थानों पर स्थापित हों, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। साथ ही, जो विद्यालय सड़क के किनारे स्थित हैं, उनके लिए बाउंड्री वॉल निर्माण की सूची तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।
श्री कुमार ने कहा कि “क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा को ऊपर उठाने का जिम्मा हमारा है — इसलिए इसे हमेशा ऊपर ही रखें।” उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शिक्षकों के साथ मिलकर ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने अनुपस्थित विद्यार्थियों की नियमित निगरानी, उनके अभिभावकों से संपर्क एवं आवश्यकतानुसार नाम कटौती की प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया ताकि विद्यालयों में अनुशासन एवं उपस्थिति दोनों बनी रहे।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने तिथि भोज के सफल आयोजन के लिए शिक्षकों की सराहना की तथा सभी विद्यालयों में स्वच्छ शौचालय (कमोड) की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जर्जर भवनों वाले पाँच-पाँच विद्यालयों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि मिड-डे-मील योजना केवल भोजन वितरण की प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। अतः सभी अधिकारी एवं शिक्षक इस योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

