गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहिबगंज।
साहिबगंज जिले में नशा नियंत्रण और अवैध दवा कारोबार पर रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन अब और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनकॉर्ड कमिटी (Narco-co-ordination Centre – NCORD) की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक सूचना भवन स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में बढ़ते नशे के दुष्प्रभाव, नशीली दवाओं के अवैध वितरण, बिक्री, दवाओं के दुरुपयोग तथा ड्रग्स से संबंधित अपराधों की रोकथाम पर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नशा नियंत्रण जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इस दिशा में प्रभावी, समन्वित व कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उपायुक्त ने पिछले बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि समन्वित कार्रवाई के लिए ड्रग टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और ड्रग इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है। यह टीम फार्मासिस्ट विहीन मेडिकल दुकानों पर छापेमारी कर कार्रवाई करेगी।
हालांकि निर्देशों के उचित अनुपालन न मिलने पर उपायुक्त ने असंतोष व्यक्त किया और अनुमंडल पदाधिकारी साहिबगंज तथा ड्रग इंस्पेक्टर से स्पष्टीकरण देने को कहा है।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली बैठक से पूर्व जिले की सभी मेडिकल दुकानों की जांच हर हाल में पूरी की जाए और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही, जहां-जहां फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाए जाएंगे, वहाँ जुर्माना वसूला जाएगा तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए कठोर कार्रवाई के साथ-साथ जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित विभागों को परस्पर समन्वय स्थापित कर निरंतर निगरानी, निरीक्षण और जनजागरण अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए एवं प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय कुमार दास, अपर समाहर्ता गौतम भगत, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द, मुख्यालय डीएसपी विजय कुशवाहा, राजमहल एसडीपीओ, बड़हरवा ड्रग इंस्पेक्टर चंदन कस्पय सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

