गोपाल शर्मा
झारखंड/ साहिबगंज।
उधवा प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित राजकीय उच्च विद्यालय, बेगमगंज में प्रधानाध्यापक द्वारा छात्रों से अवैध रूप से राशि वसूले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीण दक्षिण बेगमगंज निवासी अभिभावक तपन कुमार बसाक ने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, उधवा को लिखित आवेदन देकर प्रधानाध्यापक सुरोजीत दास उर्फ़ बुलेट के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अभिभावक तपन बसाक के अनुसार, उनके तीन बच्चे — देवकुमार बसाक (वर्ग 10), पूजा कुमारी बसाक (वर्ग 9) और शांतनु कुमार बसाक (वर्ग 6) — इसी विद्यालय में पढ़ते हैं। आरोप लगाया गया है कि प्रधानाध्यापक एडमिशन चार्ज एवं अन्य मदों के नाम पर मनमाने ढंग से अतिरिक्त राशि वसूलते हैं, लेकिन किसी भी प्रकार की रसीद उपलब्ध नहीं कराते।
तपन बसाक ने दावा किया कि मैट्रिक परीक्षा फ़ॉर्म भरने के दौरान प्रति छात्र 1,350 रुपये की वसूली की जा रही है, जबकि वे जब रसीद की मांग करते हैं, तो प्रधानाध्यापक उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी भरे लहजे में कहते हैं — “मैं हेडमास्टर हूँ, जो मन है करो, रसीद नहीं दूँगा। सब लोग देते हैं, तुम्हें भी देना होगा।”
शिकायतकर्ता ने इस मामले की जानकारी उपायुक्त साहेबगंज एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (DEO) को भी देते हुए विद्यालय में कथित भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और मनमानी पर तत्काल रोक लगाने हेतु कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय ग्रामवासियों ने भी इस घटना पर नाराज़गी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे विद्यालय की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगेगा और छात्रों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। लोगों का ध्यान अब प्रशासनिक कार्रवाई की ओर केंद्रित है कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू होने की संभावनाओं के बीच अभिभावक और ग्रामीण न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं।

