सभी विभाग अक्टूबर माह से परिणामोन्मुखी कार्यों पर करें फोकस : उपायुक्त
गोपाल शर्मा
झारखंड/ पाकुड़ ।
रविवार को उपायुक्त मनीष कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विद्यालयों में मध्याह्न भोजन वितरण व्यवस्था, खाद्यान्न की नियमित उपलब्धता तथा छात्रों की उपस्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराना संबंधित पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मिड-डे-मील की समय पर उपलब्धता, पोषक तत्वों एवं प्रोटीनयुक्त भोजन पर विशेष ध्यान देने का आदेश दिया।

परिणामोन्मुखी कार्यों पर जोर
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अक्टूबर माह से सभी विभागों का पूरा फोकस परिणामोन्मुखी कार्यों पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा—
“प्रत्येक कार्य का प्रतिफल दिखना आवश्यक है, परिणाम से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।”
शिक्षा विभाग की समीक्षा
शिक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए उपायुक्त ने विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि स्कूल ऑफ एक्सीलेंस मॉडल के तहत जिले के चुनिंदा विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज की जाए तथा अनुपस्थित बच्चों की सूची तैयार कर आवश्यकतानुसार नाम कटौती की कार्रवाई भी की जाए।
50 उत्कृष्ट विद्यालयों की सूची तैयार होगी
उपायुक्त ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में उभर रही यूनिक सक्सेस स्टोरी को चिन्हित करने का निर्देश दिया। इसके तहत 50 उत्कृष्ट विद्यालयों की सूची तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है।
आदि कर्मयोगी अभियान पर बल
बैठक में उपायुक्त ने आदि कर्मयोगी अभियान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनजागरूकता एवं सामाजिक भागीदारी के लिए अत्यंत आवश्यक है। अतः जिलेभर में इसके तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।
अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से कार्यकुशलता, परिणामोन्मुखी सोच एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने की अपील की।
बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक श्री नयन कुमार समेत कई अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
