गोपाल शर्मा
झारखंड/ पाकुड़।
जिले के सभी अंचल और हल्का स्तर के राजस्व मामलों के निष्पादन के लिए 16, 17 एवं 18 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय राजस्व शिविर का सफल समापन हो गया। इस दौरान आम नागरिकों की उपस्थिति बड़ी संख्या में देखने को मिली तथा कई महत्वपूर्ण आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की गई।
तीन दिनों में आए कुल आवेदन — एक नज़र में

“लोगों को नजदीक ही राजस्व सेवाओं का लाभ देना प्राथमिकता” — उपायुक्त
शिविर की समीक्षा करते हुए उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा—
“राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे और लोगों को राहत देने के लिए जिले में हर माह दो बार राजस्व शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि आमजन को प्रखंड मुख्यालयों के चक्कर ना लगाने पड़ें, बल्कि उन्हें निकटतम अंचल स्तर पर ही सभी राजस्व सेवाएं उपलब्ध हों।”
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि अगली बैठक से पूर्व अधिकतम निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

शिविर में मुख्य रूप से मिली सुविधाएँ
- .दाखिल-खारिज एवं नामांतरण
.रजिस्टर-II सुधार
.जाति, आय एवं निवास प्रमाणपत्र
.भू-लगान अदायगी
.विविध शिकायत एवं राजस्व विवाद आवेदन

अगले शिविर की तैयारी शुरू
जिला प्रशासन अब आगामी शिविर की तिथि तय करने के साथ ही लंबित आवेदनों की मॉनिटरिंग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करने जा रहा है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

तीन दिवसीय राजस्व शिविर से स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रशासन जन-सुविधा, पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण की दिशा में निरंतर सक्रिय है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए आवेदकों ने शिविर के आयोजन की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से जारी रखने की मांग की।

