राजमहल, प्रतिनिधि।
राजमहल थाना क्षेत्र के महासिंहपुर पंचायत अंतर्गत जयरामडांगा गांव में बुधवार को जमीन विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। वर्षों से चले आ रहे विवादित भूखंड पर बाउंड्री निर्माण को लेकर सगे भाइयों के परिवार आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल व्याप्त है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मृतक की पहचान जयरामडांगा निवासी रुदल यादव (70 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार रुदल यादव और उनके भाई हरिकिशोर यादव के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। कई बार पंचायत स्तर पर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हो सका।

बाउंड्री निर्माण का विरोध करने पर बढ़ा विवाद
बताया जाता है कि बुधवार को हरिकिशोर यादव विवादित जमीन पर बाउंड्री निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। विरोध के बाद दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया।
मृतक के पुत्र रामदेव यादव ने आरोप लगाया है कि हरिकिशोर यादव तथा उनके पुत्र रामअवतार यादव, धर्मराज यादव, धर्मवीर यादव और परमेश्वर यादव ने मिलकर उनके परिवार पर हमला कर दिया। आरोप है कि लाठी-डंडों से की गई मारपीट में कई लोग घायल हो गए।

बीच-बचाव करने पहुंचे बुजुर्ग की गई जान
परिजनों के अनुसार विवाद के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे रुदल यादव, उनकी पत्नी रेखा देवी (60 वर्ष) तथा पुत्र जीतू यादव (25 वर्ष) हमले की चपेट में आ गए। मारपीट में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों की सहायता से घायलों को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल राजमहल पहुंचाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. उदय टुडू ने जांच के बाद रुदल यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं रेखा देवी और जीतू यादव की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस इंस्पेक्टर राजीव रंजन एवं थाना प्रभारी हसनैन अंसारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनाव, पुलिस की नजर
घटना के बाद जयरामडांगा गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की है।
मौके पर एएसआई महादेव उरांव, सनातन हेंब्रम, नंदकिशोर यादव, सर्जन मुर्मू सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
जमीन विवाद से उपजी इस हिंसक घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में लंबित भूमि विवादों के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है।
