उपायुक्त बोले—‘आया राम, गया राम’ नहीं होगा, हर समस्या के समाधान की तय होगी समय-सीमा
बोकारो, प्रतिनिधि।
प्रकृति की गोद में बसे गोमिया प्रखंड के सुदूरवर्ती गोसे गांव में बुधवार को प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भरोसे, संवाद और संवेदनशीलता की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। लुगुबुरु पहाड़ की तलहटी में पेड़ की छांव तले आयोजित जनता संवाद कार्यक्रम में उपायुक्त अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार सहित जिला प्रशासन के कई वरीय अधिकारी ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।

ग्रामीणों के बीच सहज माहौल में बैठकर उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्पष्ट कहा कि यह कार्यक्रम महज औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की पहल है। उन्होंने कहा, “आया राम, गया राम नहीं होगा। आपकी सभी समस्याओं को सूचीबद्ध कर लिया गया है। अगले दो-तीन दिनों में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर हर समस्या के समाधान की टाइमलाइन तय की जाएगी।”
उपायुक्त ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सड़क, पुल-पुलिया, सिंचाई, जल संरक्षण, वन विभाग से जुड़े मसले, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को सक्रिय करते हुए ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा जाएगा। फलदार पौधारोपण, मधुमक्खी पालन और अन्य स्वरोजगार योजनाओं को गांव तक पहुंचाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

टीवीएनएल से संबंधित लंबित मुआवजा मामलों पर भी उपायुक्त ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन विभाग के साथ जल्द बैठक कर लंबित मामलों का समाधान निकालने की दिशा में कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों से आत्मीय अंदाज में संवाद करते हुए उपायुक्त ने कहा, “आप सभी खुश रहने की आदत मत छोड़िए, प्रशासन आपके साथ खड़ा है।”

पुलिस-प्रशासन एक टीम की तरह करेगा काम : एसपी
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना ने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से क्षेत्र में असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण स्थापित किया गया है। उन्होंने माना कि विकास कार्यों में कुछ देरी हुई है, लेकिन अब इसे दूर करने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से काम करेगा।
एसपी ने कहा कि पुलिस और अंचल प्रशासन मिलकर एक टीम की तरह काम करेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि प्रत्येक गुरुवार को थानों में “थाना दिवस” आयोजित किया जाएगा, जहां भूमि विवाद और अन्य स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए थाना प्रभारी एवं अंचल अधिकारी संयुक्त रूप से मामलों की सुनवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायतों को सूचीबद्ध कर संबंधित कार्यालयों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि समस्याओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित हो सके।

दूरस्थ गांवों तक पहुंच रहा प्रशासन : डीडीसी
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि जिला मुख्यालय में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को “हम आपको सुनते हैं” कार्यक्रम के तहत जनता दरबार आयोजित किया जाता है, लेकिन गोसे जैसे दूरस्थ गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में कठिनाई होती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने गांव पहुंचकर सीधे समस्याएं सुनने की पहल की है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सभी समस्याओं को दर्ज कर लिया गया है और संबंधित विभागों को समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।

बच्चों के बीच बांटे कॉपी-कलम और खेल सामग्री
जनता दरबार के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों के बीच कॉपी, कलम, बैट-बॉल, चॉकलेट और बिस्कुट वितरित कर स्नेह जताया। इससे गांव में उत्साह और अपनापन का माहौल देखने को मिला।
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बना कार्यक्रम
गोसे गांव में आयोजित यह कार्यक्रम केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे, सहभागिता और अपनत्व की जीवंत मिसाल बन गया। लुगुबुरु की शांत वादियों में पेड़ के नीचे बैठे अधिकारी और ग्रामीणों के बीच हुआ यह संवाद लोगों के मन में यह विश्वास छोड़ गया कि शासन अब केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांव की चौपाल तक पहुंच चुका है।

मौके पर अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो मुकेश मछुआ, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुचीता किरण, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन गोमिया बीडीओ महादेव महतो एवं अंचलाधिकारी मो. अफताब आलम ने संयुक्त रूप से किया।
