रांची।
झारखंड में शासन-प्रशासन से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय को औपचारिक रूप से लागू करते हुए राजभवन, झारखंड का नाम अब ‘लोक भवन, झारखंड’ कर दिया गया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी पत्र और राज्यपाल महोदय की औपचारिक स्वीकृति के पश्चात यह बदलाव प्रभावी हो गया है।

सरकारी दस्तावेजों, कार्यालयों, संचार माध्यमों तथा आधिकारिक पत्राचार में अब राजभवन की जगह लोक भवन नाम का उपयोग किया जाएगा। यह निर्णय राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक नया संदेश देता है, जो जनता-केंद्रित शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों की ओर संकेत करता है।
विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने गृह मंत्रालय एवं राज्यपाल महोदय के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि “लोक भवन” नाम आम जनता को अधिक निकटता और सहभागिता का भाव प्रदान करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नाम परिवर्तन केवल औपचारिक बदलाव नहीं, बल्कि शासन प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता के संदेश को और अधिक मजबूत करेगा।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी इस फैसले को झारखंड की लोकतांत्रिक पहचान को सशक्त बनाने वाला कदम बताया है। उनका कहना है कि इससे न केवल राज्य की प्रशासनिक छवि में सुधार होगा, बल्कि लोगों में यह विश्वास भी बढ़ेगा कि सरकार और संवैधानिक संस्थाएँ आम नागरिकों की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य कर रही हैं।
गृह मंत्रालय और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जारी अधिसूचना के साथ ही झारखंड अब “लोक भवन” नाम से एक नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है, जो प्रदेश की लोकतांत्रिक भावना और जन-आधारित प्रशासनिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है।

