*डॉ० शिवनाथ बाबा का अट्ठाईस वर्षीय मासिक संतमत सत्संग भागवत किसनीचक में सम्पन्न
*संतमत सत्संग समिति विनोबाटोला का सत्संग भागवत किसनीचक में आयोजित*
*अखिल भावीय संतमत सत्संग का सफल समापन शंभूनाथ महतो के परिसर में हुआ*
*छल-कपट से नहीं बल्कि निर्मल मन से राम प्राप्त होते हैं - डॉ० शिवनाथ बाबा*
पीरपैंती:- संतमत सत्संग समिति विनोबाटोला द्वारा संचालित अट्ठाईस वर्षीय अखिल भावीय मासिक सत्संग डॉ० शिवनाथ बाबा की अध्यक्षता में ग्रामपंचायत परसवन्ना के ग्राम भागवत किसनीचक के कबीरपंथी शंभूनाथ महतो के परिसर में सम्पन्न हो गया। संतमत के नियमानुकूल भजन-कीर्तन, स्तुति-विनती, संतवाणी पाठ, ध्यान-प्रवचन, आरती-प्रसाद आदि कार्यक्रम संपादित हुए। ललन यादव, दीपज्योति, मीरा देवी और रामनाथ महतो के भजन से माहौल भक्तिमय हो गया। डेड़ घण्टे के प्रवचन में डाॅ० शिवनाथ बाबा ने गीता, रामायण, महाभारत, वेदउपनिषद, संतवाणी के विभिन्न दृष्टांतों से गुरुतत्व की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सद्गुरु ही परमात्मा तक पहुंचाने की कला बताते हैं। आगे उन्होंने कहा कि संत कबीर इस संसार को नैहर बताते हैं और भगवान के धाम को ससुराल। उन्होंने आगे बताया कि रामायण के अनुसार छल-कपट से नहीं बल्कि निर्मल मन से राम प्राप्त होते हैं। प्रवचन के क्रम में उन्होंने कहा कि महाभारत में सबसे बड़ा आश्चर्य मृत्यु को भूल जाना है कहा गया है। उन्होंने स्वामी शान्तानन्द बाबा के शेरमारी आगमन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र में आध्यात्मिक क्रांति का संचार किया था। मौके पर रामकृष्ण, ज्ञानज्योति, रामनारायण महतो, दिनेश महतो, संजय महतो, बबुनी देवी, राधा देवी, विपुला देवी, हीरामुनि देवी, वीरेंद्र महतो सहित कई सत्संग प्रेमी उपस्थित थे।
डॉ० शिवनाथ बाबा का अट्ठाईस वर्षीय मासिक संतमत सत्संग भागवत किसनीचक में सम्पन्न