रांची, प्रतिनिधि।
विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) के अवसर पर शनिवार को आईपीएच सभागार में एक राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कर्मियों, जनप्रतिनिधियों एवं सहयोगी संस्थाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में शशि प्रकाश झा ने कहा कि राज्य सरकार जनस्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और लोगों को रोगमुक्त रखना स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, सतत प्रयास और विभिन्न विभागों के समन्वय से ही संक्रामक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। पोलियो उन्मूलन का उदाहरण देते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि इसी प्रकार मलेरिया पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है।
उन्होंने मलेरिया से बचाव के लिए नियमित फॉगिंग, मच्छरदानी के उपयोग तथा आसपास की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया। साथ ही पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।
स्वास्थ्य जागरूकता के लिए सालभर चलती हैं गतिविधियां
श्री झा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग वर्षभर विभिन्न बीमारियों से संबंधित कुल 46 प्रकार की गतिविधियों का आयोजन करता है, जिनका उद्देश्य बीमारी की रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन है। उन्होंने कहा कि कम्युनिकेबल और नॉन-कम्युनिकेबल दोनों तरह की बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना जरूरी है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को अधिक प्रभावी बनाते हुए व्यापक स्क्रीनिंग और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
मलेरिया व कालाजार उन्मूलन पर विशेष जोर
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (वेक्टर जनित रोग) डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विभाग का लक्ष्य मलेरिया के मामलों में कमी लाना और कालाजार से राज्य को पूरी तरह मुक्त करना है। निदेशक स्वास्थ्य डॉ. दिनेश कुमार ने भी मलेरिया उन्मूलन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के दौरान पीरामल संस्था के कोर टीम सदस्य विकास सिंहा ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से मलेरिया की रोकथाम, पहचान और उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।
कॉफी टेबल बुक का विमोचन
इस अवसर पर वेक्टर जनित रोगों से संबंधित एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया, जिसमें जागरूकता एवं विभागीय प्रयासों का विवरण संकलित है।
मुखियाओं और कर्मियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 10 मुखियाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इनमें साहेबगंज की किरण सोरेन, काकुली मुखर्जी, धनबाद के अनुज कुमार सिंह, गढ़वा के शिशिर टोप्पो, सिमडेगा की बुलबुल कुमारी, रामगढ़ के रवि कुमार दास, हजारीबाग की सुनीता देवी, लातेहार की जीने लकड़ा, गुमला की नैका सोरेन, पाकुड़ के कृष्णा पाहन, रांची की मधु देवी एवं गिरिडीह के प्रतिनिधि शामिल रहे।
इसके अलावा जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाओं—ब्यूटी भट्टाचार्य (धनबाद), शकीला खातून (सिमडेगा), शिखा कुमारी (गुमला), मलोरी देवी (पाकुड़) और संजय कुमार यादव (लातेहार) को भी सम्मानित किया गया।
राज्य में मलेरिया की स्थिति
झारखंड में वर्ष 2025 के दौरान कुल 42,236 मलेरिया के मामले दर्ज किए गए। रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) से 14,69,564 जांच तथा स्लाइड पद्धति से 55,08,928 जांच की गई। राज्य के आठ जिलों—बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, कोडरमा, पलामू, रामगढ़ और जामताड़ा—में 100 से कम मामले सामने आए, जो सकारात्मक संकेत है।
कार्यक्रम में डॉ. लाल मांझी (एनसीडी नोडल पदाधिकारी), डॉ. विजय रजक, डॉ. मुकेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्यभर से आए लगभग 300 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
