राजमहल इंस्पेक्टर व थाना प्रभारी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, 24 घंटे निगरानी के निर्देश
उधवा, संवाददाता।
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। साहेबगंज जिला प्रशासन ‘अलर्ट मोड’ में रहते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है।

इसी क्रम में बुधवार की संध्या राजमहल पुलिस इंस्पेक्टर राजीव रंजन एवं राधानगर थाना प्रभारी अमर कुमार मिंज ने राधानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत महत्वपूर्ण चेकपोस्टों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिवानीपुर और प्राणपुर घाट स्थित चेकपोस्टों पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सीमा पार होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए। सघन तलाशी अभियान के तहत आने-जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही वाहनों में सवार लोगों के पहचान पत्रों की जांच और उनके सामानों की तलाशी भी ली जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री, नकदी या शराब की तस्करी को रोका जा सके।

राजमहल इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने कहा कि चुनाव के दौरान असामाजिक तत्वों और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चेकपोस्टों पर 24 घंटे चौकसी बरती जा रही है।
उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना हमारी प्राथमिकता है। संवेदनशील मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि चुनाव के दौरान विधि-व्यवस्था प्रभावित न हो।”
प्राणपुर घाट पर विशेष नजर
जलमार्ग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार होने के कारण प्राणपुर घाट पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। थाना प्रभारी अमर कुमार मिंज ने बताया कि नावों के जरिए होने वाले आवागमन पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस दौरान सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन के इस सख्त रुख से साफ है कि बंगाल चुनाव को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को विफल करने के लिए झारखंड पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।
