03 Nov 2026
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15 दिनों के अल्टीमेटम पर थमा छात्रों का आंदोलन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा प्रदर्शन

प्रिंस मिश्रा
प्रिंस मिश्रा reporter
📅 03 Nov 2026, 06:11 AM IST
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15 दिनों के अल्टीमेटम पर थमा छात्रों का आंदोलन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा प्रदर्शन
बोरियो:
शिबू सोरेन जनजातीय इंटर महाविद्यालय, बोरियो में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली और छात्रहित से जुड़ी पांच सूत्री मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन मंगलवार को लिखित आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल स्थगित हो गया। छात्र नेता सुनील बास्की के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं लगातार तीन दिनों तक महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करते रहे। छात्रों का कहना था कि महाविद्यालय एवं छात्रावास में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद समस्याओं का समुचित समाधान नहीं किया जा रहा था, जिससे बाध्य होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

मंगलवार को छात्रों के आंदोलन की जानकारी मिलने पर महाविद्यालय के प्राचार्य आदिल रशीद, डिग्री महाविद्यालय के प्राचार्य नजरुल इस्लाम तथा बोरियो के प्रखंड विकास पदाधिकारी नागेश्वर साव धरनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनरत विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान छात्रों ने अपनी पांच सूत्री मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखते हुए जल्द समाधान की मांग की। काफी देर तक चली वार्ता के बाद अधिकारियों ने छात्रों की सभी पांच मांगों पर 15 दिनों के अंदर आवश्यक पहल करने का लिखित आश्वासन दिया।

अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि 15 दिनों के अंदर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल नहीं होती है तो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से दोबारा आंदोलन करने के लिए स्वतंत्र होंगे। अधिकारियों से लिखित आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने फिलहाल अपना धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।

*15 दिनों में मांगों पर पहल नहीं हुई तो फिर शुरू होगा आंदोलन : सुनील बास्की*

छात्र नेता सुनील बास्की ने कहा कि छात्र पिछले तीन दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। अधिकारियों की ओर से सभी पांच मांगों पर 15 दिनों के भीतर पहल करने का लिखित आश्वासन दिया गया है। इसी भरोसे पर फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन समाप्त नहीं किया है, बल्कि प्रशासन को निर्धारित समयसीमा दी है। यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो सभी छात्र एकजुट होकर फिर सड़क पर उतरेंगे और आंदोलन को दोबारा शुरू करेंगे।

*बदहाल छात्रावास में भय के माहौल के बीच पढ़ाई करना मुश्किल : शिव मरांडी*

वहीं, छात्र शिव मरांडी ने छात्रावास की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई को बाधित कर छात्रों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। छात्रावास में हमेशा भय का वातावरण बना रहता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और रहने की व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब छात्रावास में सुरक्षित और अनुकूल माहौल ही नहीं होगा तो विद्यार्थी आखिरकार एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई कैसे कर सकेंगे? उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महाविद्यालय प्रशासन से छात्रावास की समस्याओं का जल्द समाधान कर विद्यार्थियों को बेहतर और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग की।

*छात्रहित के मुद्दे पर विद्यार्थियों के साथ खड़ा रहेगा विद्यार्थी परिषद*

आंदोलन को समर्थन देते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक संजय दादा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्रहित और राष्ट्रहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन आगे भी उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से सभी पांच मांगों पर 15 दिनों के अंदर पहल करने का आश्वासन दिया गया है। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो विद्यार्थी परिषद छात्रों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।

*आंदोलन में शामिल रहे दर्जनों विद्यार्थी*

तीन दिनों तक चले इस धरना-प्रदर्शन में लखीराम मुर्मू, दीपक रक्षित, बटी मरांडी, मनोज हांसदा, मरंगमय मुर्मू, होपनमय किस्कू, पीयूष दत्त, संजय हांसदा, प्रवीण कुमार, पटवारी मुर्मू सहित दर्जनों विद्यार्थी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त करने और छात्रावास की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई।

*अब 15 दिनों की समयसीमा पर टिकी विद्यार्थियों की निगाहें*

गौरतलब है कि तीन दिनों तक चले आंदोलन के बाद छात्रों ने लिखित आश्वासन के आधार पर फिलहाल धरना स्थगित कर दिया है, लेकिन उनकी पांच सूत्री मांगों का समाधान होना अभी बाकी है। ऐसे में अब महाविद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के सामने छात्रों की समस्याओं का निर्धारित समयसीमा में समाधान करने की चुनौती है। आने वाले 15 दिन यह तय करेंगे कि छात्रों को केवल आश्वासन मिलता है या उनकी मांगों पर धरातल पर भी ठोस कार्रवाई होती है। फिलहाल विद्यार्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि इस बार भी उनकी समस्याओं की अनदेखी हुई तो आंदोलन का अगला चरण पहले से अधिक व्यापक हो सकता है।