बोरियो, प्रतिनिधि
शिबू सोरेन जनजातीय इंटर महाविद्यालय, बोरियो के छात्रावास और महाविद्यालय में व्याप्त बुनियादी सुविधाओं की बदहाली के खिलाफ छात्र-छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा है। छात्रावास के छात्र सुनील बास्की के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने पांच सूत्री मांगों को लेकर महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। विद्यार्थियों का आरोप है कि लंबे समय से महाविद्यालय और छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलनरत विद्यार्थियों ने बताया कि छात्रावास की छत जर्जर अवस्था में है और बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को मजबूरी में उसी छात्रावास में रहना पड़ता है। वहीं, महाविद्यालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी के लिए विद्यार्थियों को करीब दो किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ता है। इसके अलावा महाविद्यालय में शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। छात्रावास के विद्यार्थियों को भी शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है।
विद्यार्थियों ने महाविद्यालय में पुस्तकालय की व्यवस्था नहीं होने और छात्रावास में बिजली की समुचित सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि शिक्षा के लिए क्षेत्र का महत्वपूर्ण संस्थान होने के बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव विद्यार्थियों के भविष्य और पढ़ाई पर प्रतिकूल असर डाल रहा है।
छात्र नेता सुनील बास्की ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर पहले भी उपायुक्त महोदय को आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक महाविद्यालय के प्राचार्य सभी मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन नहीं देते, तब तक महाविद्यालय में तालाबंदी और धरना जारी रहेगा। इसके बावजूद यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो छात्र सड़क जाम कर आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
वहीं, विद्यार्थी परिषद के संजय दादा ने छात्रावास की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को टपकती छत के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से छात्रों को दूर से पानी लाना पड़ता है। शौचालयों की स्थिति भी दयनीय है और पानी के अभाव में उनकी उपयोगिता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय में कॉमन रूम की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
उन्होंने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से विद्यार्थियों की समस्याओं पर गंभीरता से संज्ञान लेने तथा सभी मांगों का जल्द समाधान कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र का एकमात्र इंटर महाविद्यालय है, जहां हजारों विद्यार्थी नामांकित हैं। ऐसे में संस्थान में पेयजल, शौचालय, बिजली, पुस्तकालय और छात्रावास जैसी बुनियादी सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है।
इस आंदोलन में सीमन मुर्मू, लखीराम मुर्मू, मुंशी हसदा, संजय हसदा, मनोज हसदा, शिव मरांडी, होपनमोय किस्कू, अनिता मुर्मू, नीलम मरांडी, महामय मुर्मू और बिट्टी मरांडी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
छात्रावास की बदहाली के खिलाफ शिबू सोरेन जनजातीय इंटर महाविद्यालय में अनिश्चितकालीन तालाबंदी, पांच सूत्री मांगों को लेकर छात्र आंदोलनरत