सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतना में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को आगामी पल्स पोलियो अभियान की सफलता को लेकर क्लस्टर धरमपुर, केंदुआ एवं बड़ा दिघी की सहियाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुकुंद कुमार ने की। प्रशिक्षण के दौरान सहियाओं को पल्स पोलियो अभियान के उद्देश्य, बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने की प्रक्रिया तथा घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाने की जिम्मेदारी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगामी पल्स पोलियो अभियान 22 नवंबर से 24 नवंबर 2026 तक चलाया जाएगा। इस दौरान शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी एवं सहिया घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित न रह जाए।
17,856 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक
प्रशिक्षण में दी गई जानकारी के अनुसार, पतना क्षेत्र में शून्य से पांच वर्ष तक के कुल 17,856 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कुल 115 बूथ बनाए जाएंगे। अभियान के सुचारू संचालन के लिए नौ सब-डिपो, 27 सुपरवाइजर और 230 बूथकर्मियों की तैनाती की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान की तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने तथा निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
बूथ डे पर 90 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाने का निर्देश
अध्यक्षता कर रहे डॉ. मुकुंद कुमार ने सहियाओं एवं अभियान से जुड़े कर्मियों को निर्देश दिया कि बूथ डे के दिन ही कम से कम 90 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान शून्य से पांच वर्ष तक का एक भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से नहीं छूटना चाहिए। बूथ पर दवा पीने से वंचित रह जाने वाले बच्चों तक पहुंचने के लिए घर-घर जाकर अभियान चलाना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान में लापरवाही बरतने अथवा निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करने वाले कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी सहियाओं और बूथकर्मियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा अभियान को सफल बनाने की अपील की।
स्वास्थ्यकर्मियों ने दी अभियान संबंधी जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में डॉ. कुणाल किशोर, बीटीटी कृपा सिंधु रजक, मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुकुंद कुमार, डब्ल्यूएचओ मॉनिटर सुबोध शर्मा तथा सहयोगी मॉनिटर पवन रविदास उपस्थित थे। प्रशिक्षकों ने सहियाओं को अभियान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने तथा बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के महत्व के बारे में जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अभियान के निर्धारित तीन दिनों के दौरान शत-प्रतिशत पात्र बच्चों तक पहुंच बनाना और उन्हें पोलियो की खुराक पिलाकर सुरक्षित करना है। इसके लिए सभी संबंधित कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी एवं तत्परता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया
पतना में पल्स पोलियो अभियान की तैयारी तेज, 17,856 बच्चों को पिलाई जाएगी दवा