शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी का लिया आशीर्वाद, ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जुटे एनडीए और भाजपा शासित राज्यों के दिग्गज नेता
कोलकाता, (सा.सं.)।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत शनिवार को उस समय हुई, जब भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में देशभर के भाजपा और एनडीए नेताओं की मौजूदगी ने इस अवसर को खास बना दिया। शपथ ग्रहण के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुभेंदु अधिकारी को भगवा गमछा पहनाना समारोह का सबसे चर्चित और प्रतीकात्मक क्षण बन गया।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सहित भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हजारों समर्थकों की मौजूदगी और “जय श्रीराम” व “भारत माता की जय” के नारों के बीच शुभेंदु अधिकारी ने बंगाली भाषा में ईश्वर के नाम पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

पीएम मोदी के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद
शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी मंच पर मौजूद नेताओं से मुलाकात करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। पीएम मोदी ने उन्हें गले लगाकर शुभकामनाएं दीं। यह दृश्य समारोह में मौजूद लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।
इसके बाद जब शुभेंदु अधिकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचे, तो योगी ने अपना भगवा गमछा उतारकर उन्हें पहनाया। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा की वैचारिक एकजुटता और हिंदुत्व की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति के रूप में देख रहे हैं। योगी के इस विशेष अंदाज ने समर्थकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया।
नंदीग्राम से मुख्यमंत्री पद तक का सफर
शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर पश्चिम बंगाल की राजनीति में बेहद दिलचस्प माना जाता है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी, बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और नंदीग्राम आंदोलन के दौरान प्रमुख चेहरा बनकर उभरे।
टीएमसी में लंबे समय तक प्रभावशाली नेता रहने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने खुद को बंगाल में पार्टी के मजबूत चेहरे के रूप में स्थापित किया। नंदीग्राम विधानसभा सीट से मिली चर्चित जीत ने उन्हें राज्य की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया।
अब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर शुभेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भाजपा समर्थकों के लिए यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में वैचारिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।